जिन मांगों को लेकर 5 सितंबर, 1974 को अरवल जिला के कुर्था प्रखंड कार्यालय के समक्ष शोषित समाज दल के बैनर तले किए जा रहे सत्याग्रह के क्रम में पुलिस की गोली से जगदेव बाबू की हत्या की गई, वे मांगें आज तक अधूरी क्यों हैं? और उनकी हत्या की जांच मुकम्मिल तौर पर...