गणतांत्रिक प्रणाली के अस्तित्व में आने से पहले, लोकायत देशज व्यवस्था का हिस्सा था। उसमें छोटे-छोटे आत्मनिर्भर और स्वायत्त गांव या गांवों के समूह शामिल थे, जो धर्म, धर्मसत्ता या राजसत्ता से नहीं, बल्कि लोकेच्छा से अनुशासित होते थे। इसे तय करने में ब्राह्मण या उनके धर्मों का कोई योगदान नहीं था। पढ़ें, ओमप्रकाश...