फिल्म में पायल की कहानी आरक्षण पर सीधे बहस किए बिना भी उस बहस की बुनियाद पर सवाल रखती है। अवसर केवल दरवाजा खुलने का नाम नहीं; उस दरवाजे के भीतर सम्मानपूर्वक खड़े हो पाने का नाम भी है। बता रहे हैं भंवर मेघवंशी
महुआ माजी की यह कथा कोल्हान क्षेत्र (पश्चिमी सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम, और सरायकेला-खरसावां) के उन आदिवासी समुदायों की वास्तविक परिस्थितियों को सामने लाती है,...
अर्जक संघ के माध्यम से रामस्वरूप वर्मा समाज में व्याप्त अंधविश्वास और सामाजिक-सांस्कृतिक कुरीतियों को नकारकर वैज्ञानिक सोच विकसित करने और मानववाद की स्थापना...