बाबू रामसहाय चौधरी जब 8 वर्ष के थे, उन्होंने अपनी माता उम्मेदा देवी को मंदिर प्रवेश हेतु सवर्ण समाज द्वारा अपमानित होते देखा-सुना। तभी से उनके मन में शूद्रों के सम्मान व विकास की भावना जागृत हो गई थी। उन्होंने डॉ. आंबेडकर के साथ मिलकर अछूतों के आंदोलन को आगे बढ़ाया। आपराधिक जनजाति अधिनियम...