सामाजिक न्याय के प्रतीकों पर धावा भाजपा की रणनीति का हिस्सा हो सकता है। राजनीति की प्रक्रिया भी हो सकती है। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि सामाजिक न्याय की राजनीति करने वाले लोग कहां गुम हो गये हैं? बता रहे हैं वीरेंद्र यादव