भारत में दलित आंदोलन ने लंबे समय तक मुख्य रूप से हिंदू दलितों के मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया है, लेकिन मुस्लिम और ईसाई समाज के दलित समुदायों की समस्याओं को उतनी प्राथमिकता नहीं मिली है। पढ़ें, फैयाज आलम की यह समीक्षा
फुले उन्नीसवीं सदी के महानतम व्यक्तियों में से एक थे, जिन्होंने औपनिवेशिक भारत में तमाम बहसों और विमर्शों की नुमाइंदगी करते हुए ब्राह्मणवादी अवधारणा...