संविधान के अनुच्छेद 21 और 23 की सबसे स्पष्ट आवश्यकता है कि बंधुआ मजदूरों की पहचान की जाए और उन्हें रिहा कर उचित पुनर्वास दिया जाए। पुनर्वास के बिना बंधुआ मजदूर गरीबी, लाचारी और निराशा के कारण फिर से बंधुआ मजदूरी की ओर धकेल दिये जा सकते हैं। पढ़ें, सतीश भारतीय की यह रपट