आदिवासी समुदाय के लोगों का कहना है कि सरना धर्म कोड की मांग सिर्फ जनगणना कोड की नहीं है, बल्कि सांस्कृतिक संरक्षण, भूमि अधिकार, जल, जंगल, जमीन पर नियंत्रण और पहचान की है। बता रहे हैं विशद कुमार
फुले उन्नीसवीं सदी के महानतम व्यक्तियों में से एक थे, जिन्होंने औपनिवेशिक भारत में तमाम बहसों और विमर्शों की नुमाइंदगी करते हुए ब्राह्मणवादी अवधारणा...