हिंदुत्ववादी राजनीति को मुसलमानों के मुसलमानों की तरह सोचने से कोई दिक्कत नहीं है। उसे दिक़्क़त बस मुसलमानों के नागरिक की तरह सोचने से है। इस तथ्य की ऐसे भी तस्दीक की जा सकती है कि डॉ. आंबेडकर के अभियानों ने दलितों को नागरिक की तरह सोचने को प्रेरित किया। पढ़ें, शाहनवाज आलम का...