आदिवासी समाज के कई हिस्सों में आज भी महिलाओं के प्रति अंधविश्वास, पितृसत्ता और सामाजिक भेदभाव गहराई से मौजूद हैं। ऐसी स्थिति में यदि कोई आदिवासी महिला अपने अधिकारों के लिए कब्रिस्तान तक पहुंचकर कब्र खोदने जैसा कदम उठाती, तो संभव है कि समाज उसके इस कार्य को मानवीय मजबूरी के बजाय अपशकुन, परंपरा-विरोध...