कारपोरेट परस्त राजनीति लंबे समय से ‘विकास’ के नाम पर भूमि को पूंजी में बदलने की राजनीति रही है। गुजरात से लेकर उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश तक, हर जगह बड़े कॉरपोरेट प्रोजेक्ट्स के लिए जमीन अधिग्रहण को विकास का नाम दिया गया। बिहार में भी अब वही मॉडल उतारा जा रहा है। पढ़ें,...