डॉ. आंबेडकर ने यह चेतावनी दी थी कि हम संविधान के माध्यम से जिस राजनीतिक लोकतंत्र को स्थापित कर रहे हैं, उसे सामाजिक और आर्थिक असमानता निगल जाएगी, यदि हम इसे खत्म करने में सफल नहीं हुए। सामाजिक असमानता खत्म तो नहीं हुई, लेकिन आर्थिक असमानता बढ़ती गई और अब तो छलांग लगाकर बढ़...